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वाच्य किसे कहते हैं? | वाच्य की परिभाषा, वाच्य के भेद, वाच्य के प्रकार, Vachya Class 10 MCQ
वाच्य किसे कहते हैं? पूरी जानकारी आसान भाषा में
हिंदी व्याकरण में कई ऐसे अध्याय हैं जो शुरुआत में कठिन लगते हैं, लेकिन जब उन्हें सही तरीके से समझ लिया जाए तो वे बेहद आसान हो जाते हैं। उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण अध्याय है — वाच्य।
कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है — वाच्य किसे कहते हैं?
अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ हम सिर्फ परिभाषा नहीं समझेंगे, बल्कि concept को जड़ से समझेंगे ताकि exam में कभी confusion न हो।
वाच्य की परिभाषा क्या है?
सबसे पहले समझते हैं वाच्य की परिभाषा।
वाक्य में क्रिया का संबंध कर्ता, कर्म या भाव में से जिससे होता है, उसे वाच्य कहते हैं।
थोड़ा और सरल शब्दों में कहें तो:
वाक्य में क्रिया किसके अनुसार बदली है — उसी आधार पर वाच्य निर्धारित होता है।
यही असली उत्तर है जब कोई पूछे — वाच्य किसे कहते हैं।
उदाहरण से समझें
इन वाक्यों को ध्यान से पढ़िए:
राम ने खाना खाया।
खाना राम द्वारा खाया गया।
यहाँ बैठा नहीं जाता।
तीनों में “खाना” या “बैठना” जैसी क्रिया है, लेकिन हर बार focus अलग है।
यहीं से वाच्य का concept शुरू होता है।
वाच्य के भेद
हिंदी व्याकरण में वाच्य के भेद तीन होते हैं:
कर्तृवाच्य
कर्मवाच्य
भाववाच्य
इन्हें ही वाच्य के प्रकार भी कहा जाता है। अब एक-एक करके विस्तार से समझते हैं।
1. कर्तृवाच्य
जब वाक्य में कर्ता मुख्य होता है और क्रिया कर्ता के अनुसार बदलती है, तब वह कर्तृवाच्य कहलाता है।
उदाहरण:
मोहन किताब पढ़ता है।
सीमा चित्र बनाती है।
बच्चे मैदान में खेलते हैं।
यहाँ क्रिया “पढ़ता है”, “बनाती है”, “खेलते हैं” कर्ता के अनुसार बदल रही है।
इसलिए ये सभी कर्तृवाच्य के उदाहरण हैं।
Exam में अगर पूछा जाए — वाच्य किसे कहते हैं, तो कर्तृवाच्य का उदाहरण देकर समझाना सबसे आसान होता है।
2. कर्मवाच्य
जब वाक्य में कर्म को प्रधानता दी जाती है और क्रिया का रूप कर्म के अनुसार बदलता है, तब वह कर्मवाच्य कहलाता है।
उदाहरण:
किताब मोहन द्वारा पढ़ी जाती है।
चित्र सीमा द्वारा बनाया गया।
मैच खिलाड़ियों द्वारा खेला गया।
यहाँ focus “किताब”, “चित्र” और “मैच” पर है।
Class 10 में अक्सर vachya class 10 mcq में इसी तरह के वाक्य दिए जाते हैं और पूछा जाता है कि यह कौन-सा वाच्य है।
3. भाववाच्य
जब न कर्ता प्रधान होता है न कर्म, बल्कि केवल भाव या क्रिया का होना महत्वपूर्ण होता है, तब उसे भाववाच्य कहते हैं।
उदाहरण:
मुझसे चला नहीं जाता।
यहाँ बैठा नहीं जाता।
उससे पढ़ा नहीं गया।
यहाँ किसी विशेष कर्ता की प्रधानता नहीं है। केवल भाव व्यक्त हो रहा है।
Students को सबसे ज्यादा confusion भाववाच्य में होता है।
वाच्य के प्रकार – आसान तुलना
वाच्य | क्या प्रधान है? | उदाहरण |
कर्तृवाच्य | कर्ता | राम खेलता है |
कर्मवाच्य | कर्म | खेल राम द्वारा खेला गया |
भाववाच्य | भाव | यहाँ खेला नहीं जाता |
अब अगर कोई पूछे — वाच्य किसे कहते हैं, तो आप confidently बता सकते हैं कि क्रिया का संबंध जिससे हो, वही वाच्य है।
Vachya in Hindi – पहचानने का आसान तरीका
अगर आप किसी भी वाक्य का वाच्य पहचानना चाहते हैं, तो ये तीन सवाल खुद से पूछें:
क्रिया किसके अनुसार बदली है?
किसे ज्यादा महत्व दिया गया है?
क्या वाक्य में “द्वारा” शब्द है?
लेकिन ध्यान रहे — केवल “द्वारा” देखकर कर्मवाच्य मत मान लीजिए। Structure भी समझिए।
Vachak Shabd का महत्व
वाचक शब्द वे शब्द होते हैं जो किसी व्यक्ति, वस्तु या भाव का बोध कराते हैं।
जैसे:
राम
किताब
खुशी
बच्चा
वाच्य समझते समय वाचक शब्दों की पहचान जरूरी है क्योंकि इन्हीं के आधार पर क्रिया का संबंध तय होता है।
वाच्य परिवर्तन कैसे करें?
Exam में अक्सर वाच्य परिवर्तन पूछा जाता है। इसलिए यह भाग बहुत महत्वपूर्ण है।
कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य
राम ने पत्र लिखा।
→ पत्र राम द्वारा लिखा गया।
सीमा ने कहानी पढ़ी।
→ कहानी सीमा द्वारा पढ़ी गई।
कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य
गीत बच्चों द्वारा गाया गया।
→ बच्चों ने गीत गाया।
भाववाच्य
मुझसे दौड़ा नहीं जाता।
यहाँ सीधा परिवर्तन संभव नहीं होता क्योंकि भाव ही मुख्य है।
Vachya Class 10 MCQ – Practice Questions
अब थोड़ा practice कर लेते हैं। यह practice बोर्ड परीक्षा के लिए बेहद काम की है।
प्रश्न 1
“पत्र लिखा गया।”
A. कर्तृवाच्य
B. कर्मवाच्य
C. भाववाच्य
D. संज्ञा
उत्तर: कर्मवाच्य
प्रश्न 2
“सीमा ने खाना बनाया।”
उत्तर: कर्तृवाच्य
प्रश्न 3
“यहाँ खेला नहीं जाता।”
उत्तर: भाववाच्य
प्रश्न 4
“कहानी छात्रों द्वारा पढ़ी गई।”
उत्तर: कर्मवाच्य
ऐसे class 10 vachya mcq नियमित हल करने से पूरा chapter मजबूत हो जाता है।
Students की Common Mistakes
कर्ता और कर्म में अंतर न समझना
‘द्वारा’ देखकर तुरंत कर्मवाच्य मान लेना
भाववाच्य को रट लेना लेकिन समझना नहीं
क्रिया के रूप पर ध्यान न देना
जब आप सच में समझ जाते हैं कि वाच्य किसे कहते हैं, तो ये गलतियाँ खुद कम हो जाती हैं।
Exam में Full Marks लाने की Strategy
✔ परिभाषा साफ और शुद्ध लिखें
✔ तीनों वाच्य के उदाहरण याद रखें
✔ वाच्य परिवर्तन का अभ्यास करें
✔ रोज 10 MCQ हल करें
✔ Concept को समझकर पढ़ें
वाच्य क्यों जरूरी है?
भाषा की शुद्धता के लिए
सही वाक्य संरचना के लिए
बोर्ड परीक्षा के लिए
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए
लेखन कौशल सुधारने के लिए
जब छात्र समझ जाते हैं कि वाच्य किसे कहते हैं, तो उनका grammar foundation मजबूत हो जाता है।
निष्कर्ष
अब आपको पूरी तरह समझ आ गया होगा कि वाच्य किसे कहते हैं, वाच्य की परिभाषा क्या है, और वाच्य के भेद कौन-कौन से हैं।
कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य — ये तीनों हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण आधार हैं।
अगर आप नियमित अभ्यास करेंगे, vachya class 10 mcq हल करेंगे और वाच्य परिवर्तन समझेंगे, तो यह अध्याय आपके लिए बेहद आसान हो जाएगा।
याद रखिए:
क्रिया को समझो, वाच्य अपने आप समझ में आ जाएगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. वाच्य किसे कहते हैं?
वाक्य में क्रिया का संबंध कर्ता, कर्म या भाव में से जिससे होता है, वही वाच्य कहलाता है।
2. वाच्य के भेद कितने होते हैं?
तीन — कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।
3. भाववाच्य की पहचान कैसे करें?
जब वाक्य में भाव प्रधान हो और कर्ता या कर्म स्पष्ट न हो।
4. Class 10 में वाच्य कैसे पूछा जाता है?
परिभाषा, वाच्य परिवर्तन और MCQ के रूप में।
5. क्या वाच्य प्रतियोगी परीक्षा में आता है?
हाँ, कई प्रतियोगी परीक्षाओं में grammar section में पूछा जाता है।
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